कोरोना संक्रमित पति नहीं कर पाया पत्नी के अंतिम दर्शन, सेना ने शव को कोल्हापुर पहुंचाने का उठाया बीड़ा

 ईरान से एयर लिफ्ट कर लाए गई एक 60 वर्षीय भारतीय महिला की शुक्रवार को जोधपुर में मौत हो गई। महिला का पति कोरोना संक्रमित है और उसका इलाज चल रहा है। इस कारम वह भी अपनी पत्नी के अंतिम दर्शन नहीं कर पाया। मौत के पश्चात लिए गए सैंपल में इस महिला की जांच रिपोर्ट निगेटिव आने से सभी ने राहत महसूस की। महिला के परिजन महाराष्ट्र के कोल्हापुर में रहते है। लॉक डाउन के चलते उनका यहां आना संभव नहीं हो पाया। ऐसे में सेना ने उनके शव को परिजनों तक पहुंचाने का बीड़ा उठाया। भारतीय सेना के अधिकारियों ने आज शव की वीडियोग्राफी के माध्यम से परिजनों से पुष्टि कराई कि यह शव उनके परिवार की महिला का ही है। इसके बाद सेना ने एक वाहन के जरिये उनके शव को कोल्हापुर के लिए रवाना किया। 


जैसलमेर में सेना के वेलनेस सेंटर में ईरान से लाई गई इस महिला को लकवा, हाइपरटेंशन, डायबिटीज आदि बीमारियां थी। 10 दिन से मेडिसिन विभाग में इलाज हो रहा था। गुरुवार देर रात मौत हो गई। महिला के पहले भी तीन सैंपल निगेटिव आ चुके थे। इसके बावजूद मौत के पश्चात भी उसका एक सैंपल और लिय गया। इसमें भी जांच रिपोर्ट निगेटिव आई। जबकि उसका पति कोरोना संक्रमित पाया गया है और उसका एम्स जोधपुर में इलाज चल रहा है। कोरोना संक्रमित होने के कारण वह अपने पत्नी के अंतिम दर्शन करने बाहर नहीं आ पाया। सेना के अधिकारियों ने एमडीएम अस्पताल की मोर्चरी से उसे अपनी पत्नी के शव का लाइव फोटो दिखाया। उसने पुष्टि की कि यह शव उसकी पत्नी का ही है। इसके बाद कोल्हापुर में रहने वाले रिश्तेदारों को भी फोटो दिखा पुष्टि कराई गई। लॉक डाउन के कारण परिजनों ने कोल्हापुर से जोधपुर आने में असमर्थता जता दी। इसके बाद आज सेना ने फैसला किया कि मृतका के शव को उसके परिजनों तक पहुंचाया जाए ताकि वे पूर्ण सम्मान के साथ उसका अंतिम संस्कार कर सके। शाम को सेना ने एक विशेष वाहन में उसका शव रखवा कर कोल्हापुर के लिए रवाना किया। शव के साथ कुछ जवान व एक अधिकारी को भेजा गया है।