रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा आहूत जनता कर्फ्यू को जनता का पूरा साथ मिला। सूनी सड़कें और पेट्रोल पंप पर छाई वीरानी इसकी गवाह हैं। पेट्रोल पंपों पर इस दौरान लगभग शून्य कारोबार हुआ। पेट्रोल-डीजल वेंडर किनारे बैठ कर बातचीन करते मिले। हां इस दौरान पेट्रोल पंप पर हैंड सैनिटाइजर कई जगह पर रखे मिले। पंप पर एक एंबुलेस भी खड़ा मिला, जो डीजल या पेट्रोल लेने नहीं आया था। दूध की खरीदारी में हालांकि बदहवाशी दिखी और पैनिक बाइंग के कारण सुबह 7 बजे के बाद लोगों को दूध नहीं मिल पाया। जबकि प्रधानमंत्री ने आग्रह किया था कि लोग बदहवाशी में सामान खरीदकर जमा न करें। उन्होंने आश्वस्त किया था कि दुकानें खुली रहेंगी और सभी चीजें पहले की तरह मिलती रहेंगी।
पेट्रोल पंप पर दोपहर तक 10,000 के मुकाबले महज 4-5 ग्राहक पहुंचे
दिल्ली के मयूर विहार फेज-3 इलाके में स्थित एक पेट्रोल पंप पर एक वेंडर ने बताया कि रविवार को सुबह से दोपहर तक सिर्फ 4-5 ग्राहक ही पहुंचे। हैंडसैनिटाइज ऑफर करते हुए उसने बताया कि अन्य दिनों में दोपहर तक 10 हजार तक ग्राहक आ जाया करते हैं।
7-8 लीटर पेट्रोल और 10 लीटर डीजल की ही बिक्री
कर्फ्यू के कारण लोग घरों से नहीं निकले इस लिए पेट्रोल-डीजल की भी बिक्री नहीं हुई। पेट्रोल पंपर पर मौजूद एक वेंडर ने बताया कि दोपहर 12 बजे तक 7-8 लीटर ही पेट्रोल बिका। अन्य दिनों में इस समय तक 60 हजार लीटर पेट्रोल बिक जाया करता है। डीजल की बिक्री का भी यही हाल रहा। रविवार को दोपहर तक करीब 10 लीटर डीजल ही बिका। अन्य दिनों में दोपहर तक 10 हजार लीटर तक डीजल बिक जाया करता है।
पेट्रोल पंप पर हैंड सैनेटाइजर उपलब्ध
पेट्रोप पंप पर कई जगह हैंड सैनेटाइजर रखा हुआ दिखा। रिपोर्ट लेखक पंप पर पेट्रोल खरीदने नहीं गया था, इसके बावजूद पेट्रोल वेंडर ने उसे हाथ में लगाने के लिए हैंड सैनेटाइजर ऑफर किया। इससे पहले वेंडर ने वहां आए एक और बाइक सवार को भी हैंड सैनेटाइजर ऑफर किया, जबकि उस सवार ने भी पेट्रोल नहीं खरीदा था। इस दौरान पंप पर एक भी ग्राहक नहीं दिखा।
जनता कर्फ्यू को दुकानदारों का साथ

जनता कर्फ्यू को दुकानदारों का पूरा साथ मिला। रविवार को इलाके की लगभग सारी किराना दुकानें बंद रहीं। दुकानदारों ने पहले से ही अपनी दुकान बंद रखने की सूचना ग्राहकों को दे दी थी। कुछ दुकानों में तख्ती में लिखा संदेश टंगा मिला, जिस पर लिखा था कि जनता कर्फ्यू के समर्थन में दुकान रविवार को बंद रहेगी।
पैनिक बाइंग के कारण बहुत सारे लोगों को दूध नहीं मिल पाया
कर्फ्यू के कारण सुबह 5 से 6 के बीच दूध की अंधाधुंध खरीदारी हुई और दुकानों पर 7 बजे तक दूध खत्म हो गया। आम दिनों में यह दिनभर दुकानों पर मिलता रहता है। मयूर विहार फेज-3 के न्यू कोंडली इलाके में सुबह लगभग सभी दुकानें बंद रहीं। कई लोग सुबह सात बजे दूध के लिए इधर उधर भटकते दिखे। जबकि आम दिनों में यहां घरों के आसपास ही मौजूद करीब 50 किराना दुकानों में दूध मिल जाया करती है। कुछ लोगों को करीब दो किलोमीटर की दूरी पर स्थित मदर डेयरी शॉप से दूध लाते देखा गया। वहीं मदर डेरी का सफल स्टोर भी खुला हुआ था, जिस पर सब्जियां मिलती हैं। लेकिन सुबह सात बजे तक मदर डेयरी शॉप पर भी पैकेट दूध खत्म हो चुका था। उस वक्त तक सिर्फ टोकन वाला खुला दूध उपलब्ध बचा था। कुछ लोगों को यह कहते सुना गया कि कुछ स्थानों पर आधा किलो के दूध का एक पैकेट 50 रुपए तक में बिका है। वहीं पास में स्थित मदर डेयरी के सफल दुकान पर सुबह 7 बजे सब्जियों की उपलब्धता भी काफी कम दिखी। मदर डेयरी फ्रुट एंड वेजीटेबल प्राइवेट लिमिटेड दिल्ली में दूध और सब्जियों की आपूर्ति करने वाली एक प्रमुख कंपनी है।
एक निजी थोक विक्रेता के पास 2,000 किलो दूध एक घंटे में बिक गए
न्यू कोंडली में एक विशाल क्षेत्र में फैले डीडीए मिक्स हाउसिंग सांसाइटी में दूध के एक मात्र थोक विक्रेता गगन डेयरी के पास भी सुबह 7 बजे तक सारा दूध बिक गया। उसने सुबह करीब 5 बजे 2,000 लीटर दूध उतरवाया था, जो एक घंटे में ही समाप्त हो गया। कई लोगों को दूध के लिए मिन्नत करते देखा गया।
प्रधानमंत्री की अपील के बाद से ही दूध में शुरू हो चुकी थी पैनिक बाइंग
इस इलाके में दूध में दो दिन पहले यानी 20 तारीख से ही पैनिक बाइंग देखी गई। लोगों ने दूध की उपलब्धता में कमी का अनुमान लगाते हुए घर में दूध जमा करना शुरू कर दिया था। न्यू कोंडली इलाके में मौजूद लगभग सभी दुकानों में आम तौर पर सुबह से लेकर रात 11 बजे तक दूध मिल जाया करता है। लेकिन प्रधानमंत्री द्वारा जनता कर्फ्यू का अपील किए जाने के बाद उसी रात करीब 10 बजे कई दुकानों पर दूध नहीं मिला। दुकानदार ने कहा कि कई लोगों ने ढेर सारा दूध खरीद लिया। शनिवार को भी शाम के समय दुकानों में दूध नहीं मिल पाया। रविवार को तो यह सुबह ही खत्म हो गया।