मास्क और सैनिटाइजर आवश्यक वस्तु अधिनियम में शामिल, कालाबाजारी करने पर होगी 7 साल की जेल

सरकार ने देश में कोरोना वायरस के संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखते हुए मास्क (2 प्लाई एवं 3 प्लाई सर्जिकल मास्क, एन95 मास्क) और हैंड सैनिटाइजर को 30 जून तक आवश्यक वस्तुओं की श्रेणी में लाने की घोषणा की है । सरकार की ओर से जारी आदेश के मुताबिक मास्क और हैंड सैनिटाइजर को 30 जून तक आवश्यक वस्तु की श्रेणी में रखा जाएगा।



कालाबाजारी से निपटने के लिए उठाया कदम
कोरोना वायरस का संक्रमण फैलने के बाद इन दोनों उत्पादों की कमी और कालाबाजारी से निपटने के लिए यह कदम उठाया गया है। इससे लोगों को मास्क और सैनिटाइजर उचित दरों पर मिल सकेंगे तथा उनकी जमाखोरी और कालाबाजारी पर रोक लगेगी। यह निर्णय सरकार और राज्यों/संघ राज्य क्षेत्रों को मास्क और हैंड सैनिटाइजर के उत्पादन, गुणवत्ता, वितरण आदि को विनियमित करने और इन वस्तुओं की बिक्री और उपलब्धता को सहज बनाने  के लिया गया है।



आदेश का उल्लंघन करने वालों पर होगी कार्रवाई
आदेश का उल्लंघन करने वालों या इनकी कालाबाजारी में शामिल लोगों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। आवश्यक वस्तु अधिनियम का उल्लंघन करने पर 7  साल की जेल या जुर्माने या दोनों भी हो सकते हैं। वहीं चोर बाजारी निवारण एवं आवश्यक वस्तु प्रदाय अधिनियम के तहत, उसे अधिकतम 6  महीने के लिए नजरबंद किया जा सकता है।



क्या है आवश्यक वस्तु अधिनियम?
आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत आने वाली वस्तुओं की आपूर्ति सुनिश्चित करना और उनकी बिक्री अधिकतम खुदरा कीमत यानी एमआरपी पर सुनिश्चित करना राज्य सरकारों की जिम्मेदारी होती है और कालाबाजारी के खिलाफ कार्रवाई करने की शक्ति भी राज्य सरकार के पास होती है।